वैक्सीन माफिया बिल गेट्स के खिलाफ 'इंडियन बार असोसिएशन' और ‘अवेकन इंडिया मूवमेंट’ की लड़ाई की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना।

हालही में ५ अप्रैल २०२२ को ऑस्ट्रिया, यूरोप से विश्व प्रसिद्ध फिल्म प्रोडक्शन टीम 'रेड बुल प्रोडक्शन कंपनी' विशेष रूप से 'इंडियन बार असोसिएशन' के राष्ट्रीय अध्यक्ष 'एड. श्री.. नीलेश ओझा’ के साथ एक साक्षात्कार लेने के लिए भारत आई थी।

इस मीडिया टीम के साक्षात्कारकर्ता कोवीड महामारी’ विशेषज्ञ 'डॉ. मार्टिन हैडिस्च' (Prof., M.D., Ph.D. Microbiology, Virology, Epidemiology/ID (specialist) Infectology and Tropical Medicine (specialist / diploma by the Austrian Medical Chamber) Medical Director TravelMedCenter Leonding and Medical Head Labor Hannover MVZ GmbH).

 यह साक्षात्कार कोरोना सच की तलाश में (Corona in search of Truth) नामक डॉक्यूमेंट्री के लिए था।

यह साक्षात्कार मूल रूप से भारत में जबरदस्ती टीकाकरण, ‘बिल गेट्स और आदार  पूनावाला’ की वैक्सीन कंपनियों के खिलाफ दायर अरबों रुपयों के मुआवजे के कोर्ट केसेस और उन्हें सामूहिक हत्या (जनसंहार) के आरोप के लिए सजा दिलवाना, मास्क की अवैध सक्ती और अवैध जुर्माना वसूले जाने वाले जनादेश के खिलाफ दायर जनहित याचिकाएं और उसमे मिली शानदार कानूनी जीत के लिए किया गया था। युरोपियन टीम के अनुसार, इंडियन बार असोसिएशन की कानूनी लड़ाई और AIM जैसे विभिन्न संगठनों को साथ लेकर किये गये निरंतर और दूरदृष्टि को ध्यान में रख कर किये गये सुव्यवस्थित प्रयासों के चलते भारत उन कुछ देशों में से एक हो गया है जो आपदा प्रबंधन अधिनियम के दुरूपयोग को पूरी तरह से निरस्त करने में सक्षम है और साथ ही पूंजीपतियों का शैतानी एजेंडा 'ग्रेट रीसेट' और 'न्यू वर्ल्ड आर्डर' को शानदार चुनौती दे रहा है।   


श्री नीलेश ओझा विश्व के एकमात्र ऐसे अधिवक्ता है जिन्होंने ‘कोविशील्ड (एस्ट्राजेनेका)’ वैक्सीन के निर्माता ‘बिल गेट्स’ और ‘आदार पूनावाला’ पर टीके से हुई मौत पर हत्या का आरोप लगाते हुए मृतक डॉ. स्नेहल लुनावत और हितेश कड़वे के परिवार के तरफ से हाई कोर्ट में १००० करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने के लिए केस फाइल किया है और बिल गेट्स, आदार पूनावाला तथा अन्य आरोपियों को मृत्युदंड की सजा देने की मांग की है। इंडियन बार असोसिएशन दुनिया भर में अग्रणी ऐसा अधिवक्ता संघ है जिसने ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) और अन्य फार्मा माफिया के षड़यंत्र को उजागर किया है और WHO की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन को अपना 'ट्वीट’ (Tweet) हटाना पड़ा। उसके बाद में दुनिया भर से इंडियन बार असोसिएशन की शिकायत विभाग प्रमुख एड. दीपाली ओझा के कामो को सराहा गया और अमेरिका, इटली, फ्रांस, जर्मनी, साउथ अफ्रीका इत्यादि कई देशों में साक्षात्कार (Interview) प्रकाशित हुए। वे सभी इंडियन बार असोसिएशन की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

Link: https://indianbarassociation.in/

युरोपियन संघ की मीडिया टीम ने अवेकन इंडिया मूवमेंट (AIM) के सदस्यों 'श्री. अंबर कोईरी' और 'एड. सोहन अगाटे' से भी मुलाकात की और सभी बाधाओं के खिलाफ कड़ी चुनौती देने के कठोर परिश्रम और प्रयासों के लिए उन्हें बधाई दी।

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